कार्ड रीडर क्या है प्रकार और काम कैसे करता है (Card Reader In Hindi)


Card Reader Kya Hai In Hindi: क्या आप जानते हैं Card Reader क्या है, कार्ड रीडर काम कैसे करता है, कार्ड रीडर कितने प्रकार के होते हैं तथा कार्ड रीडर के फायदे और नुकसान क्या हैं. अगर आपको कार्ड रीडर के बारे में जानकारी नहीं है तो आप एकदम सही ब्लॉग पर हैं. आज के इस आर्टिकल के द्वारा हम आपको कार्ड रीडर के बारे में कम्पलीट जानकारी देने वाले हैं.

कार्ड रीडर एक हार्डवेयर डिवाइस होता है जिसका इस्तेमाल माइक्रोचिप कार्ड में स्थित डेटा को पढने के लिए किया जाता है. विभिन्न प्रकार के कार्ड जैसे SD कार्ड, मेमोरी कार्ड, स्मार्ट कार्ड, क्रेडिट कार्ड आदि को read करने के लिए अलग – अलग प्रकार के कार्ड रीडर का इस्तेमाल किया जाता है.

अगर हमें अपने मेमोरी कार्ड में गाने या कोई विडियो डालनी होती है तो हम मेमोरी कार्ड को कार्ड रीडर में डालकर कंप्यूटर से कनेक्ट करते हैं और फिर अपने पसंदीदा फाइल को मेमोरी कार्ड में अपलोड कर सकते हैं. इसी प्रकार क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के द्वारा भुगतान करने पर मेग्नटिक कार्ड रीडर से कार्ड स्वाइप करवाते हैं.

आज के समय में कार्ड रीडर का व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है, इसलिए अगर आप अपने नॉलेज को बढाकर अधिक स्मार्ट बनाना चाहते हैं तो आपको कार्ड रीडर के बारे में जानकारी होनी जरुरी है.

तो चलिए दोस्तों बिना समय गंवाए शुरू करते हैं आज का यह आर्टिकल और जानते हैं – कार्ड रीडर क्या होता है हिंदी में.

कार्ड रीडर क्या है (Card Reader In Hindi)

Card Reader एक इनपुट डिवाइस है जिसका मुख्य काम माइक्रोचिप में मौजूद डेटा को एक्सेस करना है. यह एक छोटा सा डिवाइस होता है जिसके अन्दर आप मेमोरी कार्ड या SD कार्ड को Insert कर सकते हैं. इसके बाद आपको USB के द्वारा कार्ड रीडर को अपने कंप्यूटर से कनेक्ट करना होता है फिर आप उस मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा को Read और Write कर सकते हैं. बिना कार्ड रीडर के आप अपने कंप्यूटर में माइक्रोचिप के डेटा को एक्सेस नहीं कर सकते हैं.

कार्ड रीडर एक standalone डिवाइस हो सकता है जिसे USB के द्वारा कंप्यूटर से कनेक्ट किया जा सकता है या फिर इसे कंप्यूटर, प्रिंटर या मल्टी फंक्शन डिवाइस में Integrate किया जा सकता है. आज के समय में अधिकांश लैपटॉप इनबिल्ट कार्ड रीडर के साथ आते हैं.

मेमोरी कार्ड रीडर का इस्तेमाल स्मार्ट कार्ड या मेमोरी कार्ड को Read करने के लिए किया जाता है जबकि मेग्नटिक कार्ड रीडर का इस्तेमाल मेग्नटिक पट्टी वाले कार्ड जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड को पढने के लिए किया जाता है.

सरल शब्दों में कहें तो एक कार्ड रीडर ऐसा हार्डवेयर डिवाइस होता है जो दिए गए फॉर्मेट में मेमोरी कार्ड के कंटेंट को एक्सेस करने के लिए उपयोग किया जाता है.

कार्ड रीडर का इतिहास (History of Card Reader In Hindi)

कार्ड रीडर कोई नयी डिवाइस नहीं है इसका इस्तेमाल काफी समय पहले से होता आ रहा है. पहले के समय में डेटा को स्टोर करने के लिए पंच कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था. पंच कार्ड सख्त कागज़ का बना होता है जिसका इस्तेमाल डिजिटल डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता था. हालाँकि आज के समय में इसका इस्तेमाल नहीं होता है.

  • पंच कार्ड को साल 1803 में Joseph Marie Jacquard ने विकसित किया था.
  • साल 1969 में IBM के इंजिनियर Forrest Corry Parry ने क्रेडिट कार्ड को Read करने के लिए Magnetic stripe card reader का निर्माण किया था.
  • साल 1979 में Bull CP8 के Michel Hugon ने Processor और लोकल मेमोरी को मिलाकर माइक्रोप्रोसेसर आधारित कार्ड डिजाईन किये. वह computerized स्मार्ट कार्ड को बनाने वाले पहले व्यक्ति थे.
  • साल 1980 में Toshiba में काम करने वाले Fujio Masuoka ने फ़्लैश मेमोरी कार्ड रीडर का आविष्कार किया.

कार्ड रीडर काम कैसे करता है (Card Reader Work In Hindi)

एक मेमोरी कार्ड रीडर का उपयोग  मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा को Read और Write करने के लिए किया जाता है. जब मेमोरी कार्ड को कार्ड रीडर में डालकर कंप्यूटर से कनेक्ट किया जाता है तो कार्ड रीडर मेमोरी कार्ड पर लगे Chip को Read करता है, और उसमें मौजूद डेटा को कंप्यूटर में दिखाता है.

मेमोरी कार्ड रीडर को कंप्यूटर में insert करने के बाद आपके कंप्यूटर में कार्ड का एक आइकॉन show होगा जिस पर डबल क्लिक करके आप मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा को एक्सेस कर सकते हैं. कार्ड रीडर के द्वारा आप कंप्यूटर से मेमोरी कार्ड में डेटा ट्रान्सफर भी कर सकते हैं, या फिर डेटा को Edit, डिलीट, मूव आदि भी कर सकते हैं.

वहीँ दूसरी ओर Payment Card जैसे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड को Read करने के लिए Magnetic stripe card reader का इस्तेमाल किया जाता है. यह कार्ड रीडर कार्ड के पीछे बने एक काले रंग की मेग्नटिक पट्टी को read करके आपके बैंक अकाउंट की सारी जरुरी इनफार्मेशन प्राप्त करते हैं, और जब आप अपना 4 अंकों का पिन कोड दर्ज करते हैं तो Transaction सफलतापूर्वक कम्पलीट हो जाता है.

कार्ड रीडर के प्रकार (Types of Card Reader In Hindi)

अपने कार्यों के अनुसार मार्केट में अलग – अलग प्रकार के कार्ड रीडर मौजूद हैं. यहाँ हमने तीन सबसे मुख्य प्रकार के कार्ड रीडर के बारे में आपको बताया है, जो कि इस प्रकार से  हैं.

  • स्मार्ट कार्ड रीडर (Smart Card Reader)
  • मेमोरी कार्ड रीडर (Memory Card Reader)
  • एक्सेस कंट्रोल कार्ड रीडर (Access Control Card Reader)

चलिए अब इन चारों के बारे में एक – एक कर समझते हैं.

#1 – स्मार्ट कार्ड रीडर (Smart Card Reader)

Smart Card Reader ऐसा डिवाइस होता है जिसका इस्तेमाल स्मार्ट कार्ड को read करने के लिए किया जाता है, जैसे माइक्रो प्रोसेसर कार्ड. यह कार्ड प्लास्टिक का बना होता है जिसमें कि चिप लगे होते हैं, जिसे कि स्मार्ट कार्ड रीडरके द्वारा पढ़ा जाता है. स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल सामान्यतः कंपनियों या संगठनों के द्वारा डेटा सुरक्षा के लिए किया जाता है.

#2 – मेमोरी कार्ड रीडर (Memory Card Reader)

मेमोरी कार्ड रीडर एक ऐसा डिवाइस होता है जिसका इस्तेमाल मेमोरी कार्ड जैसे कॉम्पैक्ट फ्लैश (CF), सिक्योर डिजिटल (SD), मल्टी मीडिया कार्ड आदि के डेटा को एक्सेस करने के लिए किया जाता है. मेमोरी कार्ड रीडर मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा को read और write कर सकता है.

#3 – एक्सेस कंट्रोल कार्ड रीडर (Access Control Card Reader)

Access Control Card Reader का उपयोग दिए गए credential को read करने के लिए किया जाता है, यह एक्सेस कंट्रोल सॉफ्टवेयर के अन्दर मौजूद डेटाबेस में इसे चेक करता है. इस प्रकार के कार्ड रीडर का उपयोग मुख्य रूप से बिज़नस में किया जाता है. यह सुरक्षित और सुविधाजनक होता है.

एक एक्सेस कंट्रोल कार्ड रीडर एक मेग्नटिक स्ट्रिप रीडर, बारकोड रीडर, प्रोक्सिमिटी कार्ड रीडर या बायोमीट्रिक कार्ड रीडर हो सकता है.

  • Barcode Reader – किसी भी वस्तु के पैकेट में बने बारकोड को पढने के लिए बारकोड रीडर का इस्तेमाल किया जाता है.
  • Biometric Card Reader – इसका इस्तेमाल पहचान के लिए फ़िंगरप्रिंट, आईरिस, चेहरे को रीड करने के लिए किया जाता है. आमतौर पर ऑफिसों में attendance के लिए फ़िंगरप्रिंट का इस्तेमाल किया जाता है.
  • Magnetic stripe card reader – इसका उपयोग चुम्बकीय पट्टी वाले कार्ड जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, ट्रांस्पूर्त टिकट कार्ड आदि को पढने के लिए किया जाता है.
  • Proximity card reader – इसका उपयोग बड़ी बिल्डिंगों, कंपनियों आदि में दरवाजे से एंट्री के लिए किया जाता है, यह electromagnetic फील्ड के द्वारा कार्ड को पढ़ते हैं. जब कार्ड पढ़ लिया जाता है तो कार्ड धारक एक पिन कोड दर्ज करता है और सही credential है तो दरवाजा अनलॉक हो जाता है.

आर्टिकल को यहाँ तक पढने के बाद आप अच्छी प्रकार से समझ गए होंगें कि Card Reader क्या है, चलिए अब कार्ड रीडर के फायदे और नुकसानों के बारे में भी जान लेते हैं.

कार्ड रीडर के फायदे (Advantage of Card Reader In Hindi)

कार्ड रीडर के अनेक सारे फायदे हैं जैसे कि –

  • आप मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा को एक्सेस कर सकते हैं और उसे Edit भी कर सकते हैं.
  • कार्ड रीडर के द्वारा डेटा ट्रान्सफर किया जा सकता है.
  • अन्य तरीकों की तुलना में कार्ड रीडर के पढने की स्पीड बहुत अधिक होती है. जिससे कि उपयोगकर्ता के समय की बचत होती है.
  • Plug and play method इसे अधिक सुविधाजनक बनाता है.
  • विभिन्न प्रकार के कार्ड रीडर के द्वारा आप दिए गए किसी भी फॉर्मेट के कार्ड का डेटा पढ़ सकते हैं.
  • अलग – अलग प्रकार के कार्ड को पढने के लिए मार्केट में अलग – अलग प्रकार के कार्ड रीडर मौजूद हैं.
  • कार्ड रीडर का इस्तेमाल करना काफी आसान है.
  • मेग्नटिक कार्ड रीडर ऑनलाइन भुगतान को अधिक सिक्योर बनाते हैं.

कार्ड रीडर के नुकसान (Disadvantage of Card Reader In Hindi)

कार्ड रीडर के फायदों की तुलना में इसके कम ही नुकसान देखने को मिलते हैं, इसके कुछ नुकसान इस प्रकार से हैं –

  • अगर आप कार्ड रीडर को बिना eject किये सीधे फिजिकली Remove कर देते हैं तो इससे आपका मेमोरी कार्ड Corrupt हो सकता है.
  • यह एक छोटी सी डिवाइस होती है जिसके खो जाने की संभावना अधिक होती है.

Card Reader से सम्बंधित सामान्य प्रश्न

कार्ड रीडर क्या होता है?

मेमोरी कार्ड रीडर एक इनपुट डिवाइस है जिसका उपयोग फ़्लैश मेमोरी कार्ड को Read करने के लिए किया जाता है. मैग्नेटिक कार्ड रीडर एक ऐसा डिवाइस है जिसका उपयोग मैग्नेटिक स्ट्राइप कार्ड जैसे क्रेडिट कार्ड को पढ़ने के लिए किया जाता है.

कार्ड रीडर का क्या काम होता है?

कार्ड रीडर का उपयोग माइक्रोचिप, SD कार्ड और मेमोरी कार्ड में मौजूद डेटा को Read और Write करने के लिए किया जाता है. आप अपने मेमोरी कार्ड को कार्ड रीडर में डाल कर उसे USB के द्वारा कंप्यूटर से कनेक्ट करके कार्ड में मौजूद डेटा को एक्सेस कर सकते हैं.

कार्ड रीडर कौन सा डिवाइस है?

कार्ड रीडर एक हार्डवेयर इनपुट डिवाइस है, जिसमें किसी भी मेमोरी कार्ड, SD कार्ड या माइक्रोचिप को डालकर उसके डेटा को एक्सेस किया जाता है.

कार्ड रीडर और पेन ड्राइव में क्या अंतर है?

पेन ड्राइव एक Separate स्टोरेज डिवाइस होता है जिसका इस्तेमाल किसी भी प्रकार के फाइल को स्टोर करने के लिए किया जाता है, जबकि कार्ड रीडर में मेमोरी कार्ड को डालकर उसके डेटा को एक्सेस किया जाता है. बिना मेमोरी कार्ड Insert किये कार्ड रीडर की कोई Value नहीं होती है.

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निष्कर्ष: मेमोरी कार्ड रीडर क्या है हिंदी में

इस आर्टिकल में हमने सीखा कि Card Reader क्या है और कैसे काम करता है. इसके साथ ही हमने कार्ड रीडर के प्रकार तथा इसके फायदे और नुकसानों के बारे में भी आपको जानकारी प्रदान करवाई है. हमें पूरी उम्मीद है कि इस लेख को पढ़कर आप कार्ड रीडर को अच्छी प्रकार से समझ गए होंगें.

यदि अभी भी आपके मन में कार्ड रीडर से सम्बंधित कोई सवाल हैं तो हमें कमेंट बॉक्स में पूछ सकते हैं, हम जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देने की कोशिस करेंगें. और अगर आपको यह लेख पसंद आया और इससे आपको कुछ सीखने को मिला है तो इस जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर करके अन्य लोगों तक भी पहुंचायें.

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