चौपाई छन्द की परिभाषा और उदाहरण


चौपाई छन्द चार चरणों वाला एक सम मात्रिक छन्द होता है, चौपाई छन्द, छन्द के सबसे महत्वपूर्ण भाग में से एक है इस लेख में हम चौपाई छन्द की परिभाषा तथा चौपाई छन्द के उदाहरण के बारे में पढ़ने जा रहे हैं। यहां पर आपको चौपाई छन्द के बारे में सम्पूर्ण जानकारी मिल जाएगी।

चौपाई छन्द की परिभाषा

यदि हम चौपाई छन्द की बात करे तो चौपाई छन्द सम मार्तिक छन्द के अंतर्गत आता है, यह चार चरणों वाला छन्द होता है। इसके प्रत्येक चरण में सोलह मात्राएँ होती हैं तथा चौपाई छन्द के प्रत्येक चरण के अंत मे दो गुरु ( दीर्घ ) होते हैं।

चौपाई छन्द के उदाहरण

जिमि सरिता सागर महुँ जाहीं।
जद्यपि ताहि कामना नाहीं।।
तिमि सुख सम्पति बिनहिं बोलाएँ।
धरमसील पहिं जाहिं सुभाएँ।।

सुनि शिशु रुदन परम प्रिय बानी।
संभ्रम चलि आईं सब रानी।
हरषित जहँ तहँ धाईं दासी।
आनंद मगन सकल पुरबासी।

उपर्युक्त दिए गए उदाहरणों में प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ है तथा प्रत्येक चरण के अंत मे दो दीर्घ (गुरु) स्थित हैं। अतः यह एक चौपाई छन्द का उदाहरण है।

इस आर्टिकल में हमने आपको चौपाई छन्द के बारे में उदाहरण सहित पूरी जानकारी दी है यदि आपको इस लेख में दी गई जानकारी पसन्द आयी हो तो इसे आगे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

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