सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट में अंतर (Current vs Savings Account In Hindi)


Difference Between Savings Account and Current Account In Hindi: जब भी हम पहली बार बैंक में अकाउंट खुलवाने जाते हैं तो हमारे दिमाग में सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट ही रहता हैं, नया – नया बैंक अकाउंट खुलवाने वाले लोगों को बैंक अकाउंट के बारे में सही जानकारी नहीं रहती है.

अगर आप हमारे ब्लॉग के नियमित पाठक है तो आपको पता होगा हमने अपने पिछले लेखों में सेविंग अकाउंट और करंट अकाउंट के बारे में आपको जानकारी दी थी.

आज के इस लेख में हम आपको चालू खाता और बचत खाता में अंतर के बारे में बताने वाले हैं क्योंकि बहुत सारे लोगों के Doubt होते हैं वे इन दोनों बैंक अकाउंट में अंतर को सही से जान नहीं पाते हैं. इस लेख में आपके सारे confusion दूर होने वाले हैं.

अगर आप भी करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट के बीच अंतर को जानना चाहते हैं तो लेख को पूरा अंत तक जरुर पढ़ें. तो चलिए आपका अधिक समय न लेते हुए शुरू करते हैं आज का यह लेख.

सेविंग अकाउंट क्या है (What is Savings Account)

Saving Account या बचत खाता बैंक में खुलवाये जाने वाला एक प्रकार का खाता होता है जिसका मुख्य उद्देश्य पैसों की बचत करना होता है. अधिकांश आम जनता के पास बैंक में एक बचत खाता जरुर होता है. बचत खाते में पैसे जमा रखने पर खाता धारक को ब्याज भी मिलता है.

करंट अकाउंट क्या है (What is Current Account)

Current Account या चालू खाता बैंक में खुलवाया जाने वाला एक ऐसा अकाउंट होता है जिसका मुख्य उद्देश्य लगातार या नियमित रूप से लेन देन करना होता है. अधिकतर कंपनी, व्यापारी या संस्थाएं करंट अकाउंट खुलवाती है. करंट अकाउंट पर बैंक के द्वारा किसी भी प्रकार का ब्याज नहीं दिया जाता है .

चालू खाता और बचत खाता में अंतर (Current Account vs Savings Account)

चालू खाता और बचत खाता एक दुसरे से बिल्कुल भिन्न हैं. इनके बीच अंतर जानने के लिए हम विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे.

1 – परिभाषा (Definition)

  • बचत खाता: बचत खाता एक ऐसा बैंक खाता है जिसका मुख्य उद्देश्य धन की बचत करना होता है, इसमें खाताधारक सीमित संख्या में लेन – देन कर सकते हैं.
  • चालू खाता: एक चालू खाते का मुख्य उद्देश्य धन की नियमित रूप से लेन – देन करना होता है, इसमें लेन – देन की अधिकतम संख्या की कोई सीमा नहीं होती है.

2 – इस्तेमाल (Uses)

  • बचत खाता: बचत खाता मुख्यतः उन लोगों के लिए लिए खुलवाया जाता है जो मासिक आय पर काम करते हैं.
  • चालू खाता: चालू खाता अधिकांश व्यापारियों और उधमियों के लिए खुलवाया जाता है, जिन्हें प्रतिदिन बड़ी मात्रा में धन का लेन – देन करना होता है.

3 – ब्याज (Interest)

  • बचत खाता: बचत खाते में धन जमा करने पर 4 से लेकर 7 प्रतिशत तक का ब्याज मिलता है.
  • चालू खाता: चालू खाता में बैंक किसी भी प्रकार का ब्याज खाताधारक को प्रदान नहीं करवाते हैं.  

4 – न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance)

  • बचत खाता: बचत खाते को बनाए रखने के लिए आवश्यक न्यूनतम मेन्टेनेन्स राशि कम होती है.
  • चालू खाता: जबकि चालू खाते को बनाए रखने के लिए यह राशि बचत खाते से अधिक होती है. 

5 – मासिक लेन – देन (Monthly Transcation)

  • बचत खाता: बचत खाते में खाताधारक एक महीने में निश्चित संख्या में ही लेन – देन कर सकते हैं.  बैंक आमतौर पर एक महीने में खाताधारक द्वारा किए जाने वाले लेनदेन की अधिकतम संख्या की सीमा निर्धारित करते हैं. बचत खाते में आप महीने में अधिकतम 3 से 5 लेन – देन ही फ्री कर सकते हैं, इससे अधिक लेन – देन करने पर बैंक आप पर जुर्माना लगाता है.
  • चालू खाता: चालू खाते में लेन-देन की अधिकतम संख्या की कोई सीमा नहीं है. चालू खाते को इसलिए ही खुलवाया जाता है कि नियमित रूप से लेन – देन संभव हो सके.

6 – सुविधाएं (Facility)

  • बचत खाता: बचत खाते में बैंक ग्राहकों को पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग आदि प्रकार की सुविधाएं देते हैं.
  • चालू खाता: चालू खाते में बैंक बचत खाते में दी जाने वाली सुविधाओं के अतिरिक्त अन्य सुविधाएं भी देते है, जैसे कि Overdrawing.

नोट – Overdrawing का मतलब होता है कि खाते में मौजूदा राशि से अधिक पैसा निकालना. बचत खाते में यह सुविधा नहीं दी जाती है. 

किस प्रकार का अकाउंट खुलवाएं (चालू खाता या बचत खाता)

अगर आप असमंजस में हैं कि आपको किस प्रकार का अकाउंट खुलवाना चाहिए, तो इसका सीधा जवाब है अपने लक्ष्यों को ध्यान में रखकर ही  आपको बैंक में अकाउंट खुलवाना चाहिए.

अगर आप एक बिजनेसमैन हैं तो आपके लिए करंट अकाउंट फायदेमंद होगा, लेकिन अगर आप मासिक आय पर काम करने वाले कर्मचारी हैं जिन्हें अधिक लेन – देन की आवश्यकता नहीं पड़ती है तो आपके लिए सेविंग अकाउंट बेहतर है.

FAQ: Current Account vs Savings Account

सेविंग अकाउंट को हिंदी में क्या कहते हैं?

सेविंग अकाउंट को हिंदी में बचत खाता कहते हैं.

करंट अकाउंट को हिंदी में क्या कहते हैं?

करंट अकाउंट को हिंदी में चालू खाता कहते हैं.

करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस कितना होना चाहिए?

सभी बैंकों में करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस के नियम अलग – अलग होते हैं, इसलिए आप बैंक की ऑफिसियल वेबसाइट पर ही जाकर चेक करें कि करंट अकाउंट पर मिनिमम बैलेंस कितना होना चाहिए.

करंट अकाउंट कौन खुलवा सकता है?

करंट अकाउंट हर एक बिजनेसमैन, संस्था, कंपनी या इंडिविजुअल व्यक्ति खुलवा सकता है, जिसे नियमित रूप से लेन – देन करना होता है.

बचत खाता और चालू खाता में अंतर क्या है?

बचत खाता को बचत करने के उद्देश्य से खोला जाता है, जबकि चालू खाते को लगातार और नियमित लेन – देन की सुविधा के लिए खोला जाता है.

इन्हें भी पढ़े

आपने सीखा: Savings Account Vs Current Account In Hindi

इस लेख को पूरा अंत तक पढने पर आप जरुर समझ गए होंगे कि चालू खाता और बचत खाता में क्या अंतर है, जब भी आप बैंक अकाउंट खुलवाने जाते हैं तो अपनी वित्तीय स्थिति और उद्देश्यों को ध्यान में रखकर ही बैंक अकाउंट खुलवाएं.

इस लेख में इतना ही, उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा लिखा गया यह लेख पसंद आया होगा, और इस लेख में प्रदान करवाई गयी जानकारी आपको समझ में आई होगी. इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी जरुर शेयर करें.

Leave a Comment