Central Bank क्या है इसके कार्य (केंद्रीय बैंक और व्यापारिक बैंक में अंतर)


Central Bank Kya Hai In Hindi: हर देश में एक ऐसा बैंक होता है जिसके दिशा – निर्देश के अनुसार अन्य सभी बैंक कार्य करते हैं, वह बैंक देश का केंद्रीय बैंक या Central Bank कहलाता है. देश के केवल एक केंद्रीय बैंक होता है, जो बैंक का भी बैंक होता है.

पर क्या आप जानते हैं केंद्रीय बैंक क्या है (Central Bank Kya Hai), केंद्रीय बैंक की परिभाषा क्या है, केंद्रीय बैंक की आवश्यकता क्यों पड़ी, केंद्रीय बैंक के कार्य क्या हैं और केंद्रीय बैंक तथा व्यापारिक बैंक में अंतर क्या है.

अगर आपको उपरोक्त विषयों के बारे में जानकारी नहीं है तो चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि आज के इस लेख में हम आपको केंद्रीय बैंक से जुडी सारी जानकारी देने वाले हैं. इसके लिए आपको लेख को अंत तक पढना होगा ताकि कोई महत्वपूर्ण इनफार्मेशन आपसे miss न हो जाए.

तो चलिए बिना समय गंवाएं शुरू करते हैं आज का यह लेख और जानते हैं केंद्रीय बैंक क्या है हिंदी में विस्तार से.

केंद्रीय बैंक क्या है (What is Central Bank in Hindi)

केंद्रीय बैंक किसी भी देश का सर्वोच्च बैंक होता है जो देश के अन्य सभी बैंक के लिए नियामक के रूप में कार्य करता है. देश के अन्दर जितने भी बैंक मौजूद होते हैं वे केन्द्रीय बैंक के दिशा – निर्देशानुसार कार्य करते हैं.

देश में मुद्रा का निर्माण तथा वितरण करना, साख का नियंत्रण करना, अन्य बैंक के लिए अंतिम ऋणदाता के रूप में कार्य करना आदि केंद्रीय बैंक के प्रमुख कार्य हैं.

वैसे केंद्रीय बैंक सरकारी स्वामित्व वाले होते हैं, लेकिन अगर किसी देश में प्राइवेट केंद्रीय बैंक होते हैं तो उसके अधिकार समान ही रहते हैं क्योंकि केंद्रीय बैंक के अधिकार सरकार के द्वारा स्थापित और संरक्षित होते हैं. प्रत्येक देश के केवल 1 ही केंद्रीय बैंक होता है.

केंद्रीय बैंक की परिभाषा (Definition of Central Bank in Hindi)

केंद्रीय बैंक की कई सारी परिभाषाएं हैं जो कि उसके कार्यों पर आधारित हैं –

वेरा स्मिथ के अनुसार केंद्रीय बैंक की परिभाषा

केंद्रीय बैंक ऐसी बैंकिंग प्रणाली है जिसमें कोई एकल बैंक नोट जारी करने का पूर्ण या अवशिष्ट एकाधिकार रखता है.

हॉट्रे के अनुसार केंद्रीय बैंक की परिभाषा

केंद्रीय बैंक बैंक का बैंक है क्योंकि यह अन्य बैंक के लिए अंतिम ऋणदाता का कार्य करता है.

क्राउथर के अनुसार केंद्रीय बैंक की परिभाषा

केंद्रीय बैंक का सम्बन्ध देश के अन्य बैंक के साथ उसी प्रकार का होता है जैसा कि स्वयं अन्य बैंक का जनता के साथ.

केन्ट के अनुसार केंद्रीय बैंक की परिभाषा

केंद्रीय बैंक एक ऐसी संस्था है जिसे सामान्य जनहित को द्रष्टि में रखते हुए मुद्रा के मात्रा की विस्तार और संकुचन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है.

केंद्रीय बैंक का इतिहास (History of Central Bank in Hindi)

अगर केंद्रीय बैंक के इतिहास के बारे में बात करें तो दुनिया का सबसे पुराना केंद्रीय बैंक Bank of Sweden है. इस बैंक को सन 1658 में खोला गया था, और इसे खोलने में मदद की थी डच व्यापारियों ने.इसके बाद केंद्रीय बैंक ब्रिटेन में खोला गया. ब्रिटेन ने Bank of England नाम से केंद्रीय बैंक की स्थापना की.

विश्व के अधिकतर देशों ने 1900 के बाद से ही केंद्रीय बैंक की शुरुवात की. 1990 के समय पर केंद्रीय बैंक का प्रचलन बहुत अधिक बढ़ गया था.

भारत ने 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व अधिनियम के तहत Reserve Bank of India (RBI) की स्थापना की. RBI ही भारत का केंद्रीय बैंक है.

केंद्रीय बैंक की आवश्यकता

दुनिया के लगभग सभी देशों में केंद्रीय बैंक है, देश में केंद्रीय बैंक का निर्माण करना निम्न आवश्यकताओं के कारण जरुरी हो गया.

  • मुद्रा का निर्माण करने के लिए
  • देश के अन्य बैंक पर नियंत्रण के लिए
  • अन्य बैंक की आर्थिक सहायता करने के लिए.
  • साख पर नियंत्रण के लिए
  • अंतराष्ट्रीय स्तर पर लेन – देन और वित्तीय सम्बन्धों को बनाने के लिए.
  • सरकार की मौद्रिक निति को सफल बनाने के लिए

केंद्रीय बैंक के कार्य (Work of Central Bank in Hindi)

केंद्रीय बैंक के अनेक सारे महत्वपूर्ण कार्य होते हैं, जिनमें से केंद्रीय बैंक के कुछ प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं.

1 – नोट जारी करने का अधिकार

वर्तमान समय में लगभग दुनिया के सभी देशों में नोट छापने का अधिकार केवल केंद्रीय बैंक के पास होता है. केंद्रीय बैंक द्वारा जारी किये गए नोट ही देश में मान्य होते हैं.

2 – बैंक का बैंक

केंद्रीय बैंक देश के अन्य बैंक के लिए बैंकर का कार्य करते हैं, इसलिए केंद्रीय बैंक को Bank का बैंक कहा जाता है. जब कोई बैंक घाटे में रहता है तो केंद्रीय बैंक ही उनकी मदद करता है. जिस प्रकार से व्यापारिक बैंक या अन्य बैंक जनता के लिए कार्य करते हैं उसी प्रकार से केंद्रीय बैंक अन्य बैंक के लिए कार्य करता है.

3 – जनता के हितों की रक्षा

केंद्रीय बैंक देश में सभी बैंक के लिए नियामक का कार्य करता है, जिससे कि वह ऐसे नियम लागू कर सके जो जनता के हितों में हो. देश के अन्य सभी बैंक पर केंद्रीय बैंक का नियंत्रण होता है, अगर कोई बैंक केंद्रीय बैंक के नियमों का पालन नहीं करता है तो केंद्रीय बैंक उससे बैंक का दर्जा हटा देता है.

4 – अंतिम ऋणदाता

केंद्रीय बैंक देश के अन्य बैंक के लिए अंतिम ऋणदाता के रूप में भी कार्य करते हैं, यदि किसी कमर्शियल बैंक को कहीं से भी ऋण प्राप्त नहीं होता है तो वह केंद्रीय बैंक से ऋण (Loan) की मांग करता है, और केंद्रीय बैंक उचित प्रतिभूतियों के आधार पर उस बैंक को ऋण प्रदान करता है. इस प्रकार से केंद्रीय बैंक देश की बैंकिंग प्रणाली को भी नियंत्रित करते हैं.

5 – विदेशी मुद्रा कोषो का संरक्षक

केंद्रीय बैंक देश के अंतराष्ट्रीय कोष के संरक्षक के रूप में भी कार्य करता है. सारा विदेशी मुद्रा कोष केंद्रीय बैंक की कस्टडी में रहते हैं. केंद्रीय बैंक अंतराष्ट्रीय बाजार में अपने देश की मुद्रा की स्थिरता को बनाए रखता है. देश की मुद्रा की कीमत न गिरने देना केंद्रीय बैंक के कार्यों के अंतर्गत आता है.

6 – सरकार का बैंक

केंद्रीय बैंक को सरकार का बैंक भी कहा जाता है, क्योंकि केंद्रीय बैंक देश के सरकार के लिए बैंकर, एजेंट या वित्तीय सलाहकार के रूप में काम करता है. केंद्रीय बैंक सरकार की तरफ से पेमेंट भी करता है, और आवश्यकता पड़ने पर सरकार को लोन भी देता है.  

7 – साख का नियंत्रण

केन्द्रीय बैंक व्यापारिक बैंक के साख सम्बन्धी कार्यों को नियंत्रित करता है. केंद्रीय बैंक साख मुद्रा में देश की मौद्रिक आवश्यकताओं के अनुसार कमी या वृद्धि करता है. मुद्रा साख की आवश्यकतों से अधिक प्रसार होने पर मुद्रा स्फीति की स्थिति पैदा हो जाती है और मुद्रा साख की आवश्यकता से कम प्रसार होने पर मुद्रा अवस्फीति के दोष उत्पन्न हो जाते हैं. साख का नियंत्रण RBI के प्रमुख कार्यों में से एक है. 

8 – देश की आर्थिक स्थिति के बारे में बताना

केंद्रीय बैंक आंकड़े और सूचनाओं को एकत्र करता है, और समय – समय पर उन्हें  प्रकाशित करता है. जिसके द्वारा देश की आर्थिक स्थिति और देश की प्रगति का ज्ञान होता है.

ये सभी केंद्रीय बैंक के प्रमुख कार्यों के अंतर्गत आते हैं.

केंद्रीय बैंक की विशेषताएं (Feature of Central Bank in Hindi)

केन्द्रीय बैंक की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्न प्रकार से हैं –

  • केंद्रीय बैंक देश के अन्य सभी बैंक का बैंक होता है, केंद्रीय बैंक देश के सभी बैंक की वित्तीय मदद करता है, साथ ही यह बैंक के लिए अंतिम ऋणदाता के रूप में कार्य करता है.
  • केंद्रीय बैंक सरकार के स्वामित्व वाले होते हैं. देश में सरकारी विभाग के खातों और सरकारी कोषों की व्यवस्था केंद्रीय बैंक ही करते हैं.
  • केंद्रीय बैंक देश में बैंकिंग प्रणाली को भी नियंत्रित करते हैं.
  • केंद्रीय बैंक साख का नियंत्रण करते हैं.
  • केंद्रीय बैंक देश में नोटों को जारी करते हैं.

केंद्रीय बैंक और व्यापारिक बैंक में अंतर

केंद्रीय बैंक और व्यापारिक बैंक के बीच अंतर को हमने आपको नीचे सारणी के द्वारा बताया है –

केंद्रीय बैंक (Central Bank) व्यापारिक बैंक (Commercial Bank)
केंद्रीय बैंक देश का सर्वोच्च वित्तीय संस्थान है जो मौद्रिक नीतियों के निर्माण से संबंधित है. व्यापारिक बैंक एक वित्तीय संस्थान है जो आम जनता और व्यवसायों को जमा की सुविधा, ऋण सुविधाओं की पेशकश करके बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने से संबंधित है.
केंद्रीय बैंक Bank के बैंक होते हैं, जो कि देश के अन्य सभी बैंक के लिए बैंकर का कार्य करते हैं. व्यापारिक बैंक जनता के बैंक होते हैं जो जनता के लिए बैंकर का कार्य करते हैं.
अक्सर केंद्रीय बैंक सरकार के स्वामित्व वाले होते हैं. व्यापारिक बैंक निजी और सरकार के स्वामित्व वाले हो सकते हैं.
केंद्रीय बैंक का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना नहीं होता है. व्यापारिक बैंक का मुख्य उद्देश्य लाभ कमाना होता है.
एक देश में केवल 1 केंद्रीय बैंक होता है. एक देश में अनेक सारे व्यापारिक बैंक हो सकते हैं.
केंद्रीय बैंक के मुख्य Client व्यापारिक बैंक और सरकार होते हैं. व्यापारिक बैंक के मुख्य Client जनता और व्यवसाय होते हैं.
केंद्रीय बैंक देश के अन्य बैंक को नियंत्रित करते हैं, देश में मुद्रा का उत्पादन और वितरण करते हैं और सभी सदस्य बैंक के लिए नियामक के रूप में काम करते हैं. व्यापारिक बैंक देश की जनता के खाते खुलवाते हैं, उन्हें ब्याज दरों पर लोन देते हैं तथा जनता के धन का प्रबंधन करते हैं.
केंद्रीय बैंक देश का सर्वोच्च बैंक होता है जो देश में मौजूद अन्य बैंक के लिए दिशा निर्देश जारी करता है. व्यापारिक बैंक केंद्रीय बैंक के दिशा – निर्देश के अनुसार कार्य करते हैं.
Difference Between Central Bank and Commercial bank In Hindi

केंद्रीय बैंक से सम्बंधित सामान्य प्रश्न

भारत का केंद्रीय बैंक क्या है?

भारत का केंद्रीय बैंक RBI (Reserve Bank of India) है.

RBI की स्थापना कब हुई?

RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व अधिनियम के तहत हुई.

केंद्रीय बैंक का मालिक कौन होता है?

दुनिया के अधिकांश देशों में केंद्रीय बैंक का मालिक उस देश की सरकार होती है.

भारत में कितने केद्रीय बैंक है?

भारत में 1 ही केंद्रीय बैंक है जिसे रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के नाम से जाना जाता है.

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आपने सीखा: केन्द्रीय बैंक क्या है हिंदी में

लेख का निष्कर्ष देखें तो केंद्रीय बैंक देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए सभी देशों के पास अपना केंद्रीय बैंक है. देश के साख का नियंत्रण, व्यापारिक बैंक पर नियंत्रण, देश में मुद्रा का निर्माण करना जैसे महत्वपूर्ण कार्य केंद्रीय बैंक ही करता है, इसलिए हर देश में केंद्रीय बैंक का होना जरुरी है.

उम्मीद करते हैं आपको यह लेख Central Bank Kya Hai In Hindi जरुर पसंद आया होगा, और इस लेख को पढने पर केंद्रीय बैंक से सम्बंधित आपके सारे Doubt दूर हो गए होंगे. इस लेख को सोशल मीडिया पर अपने दोस्तों के साथ भी शेयर करें.

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