Fast Charging क्या है What Is Fast Charging In Hindi


आज सभी अधिक से अधिक मोबाइल का उपयोग करते हैं यहां तक कि जितने भी कार्य हैं वह सब मोबाइल के द्वारा ही किया जाता है किंतु अगर मोबाइल की बैटरी ही बहुत धीरे चार्ज हो तो ऐसे में हमारे बहुत सारे कार्य हैं जो अटक जाते हैं या यूँ कहें की जो काम हमें समय पर खत्म करना होता है वह नहीं हो पाती | 

आज से कुछ साल पहले मोबाइल की कैपेसिटी उतनी नहीं थी और ना ही अधिक से अधिक कोई मोबाइल का उपयोग करते थे जिससे मोबाइल के चार्जर को लेकर उसकी तकनीक में कोई विकसित नहीं हुई किन्तु जैसे – जैसे मोबाइल की क्षमता बढ़ती गई कंपनियों ने भी मोबाइल की चार्जिंग पावर बढ़ाना शुरू कर दिया | 

आप सभी के मन यह सवाल जरूर उठते होंगे की Turbo, Rapid, Quick Charging और Fast charging क्या है और क्या फास्ट चार्जिंग से मोबाइल की बैटरी में कोई प्रभाव पड़ता है तो इन्हीं सब के बारे हम आज इस पोस्ट में समझेंगे | 

इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा की “Fast charging क्या है What Is Fast Charging In Hindi” और यह कैसे काम करती है, इसके क्या फायदे एवं नुकसान हैं अतः चार्जिंग का उपयोग सभी अधिक से अधिक करते हैं किन्तु इसके बारे में जानकारियां उतनी नहीं होती है तो फास्ट चार्जिंग के बारे में जानने के लिए इस पोस्ट को अंतिम तक अवश्य पढ़ें जिससे आपलोगों को इसके बारे में पूर्ण ज्ञान प्राप्त हो सके |

यह भी पढ़ें – वायरलेस चार्जिंग क्या है और यह कैसे काम करता है 

फास्ट चार्जिंग क्या है What Is Fast Charging

फास्ट चार्जिंग का मतलब है कि किसी भी मोबाइल को जल्द से जल्द चार्ज करना कुछ ही मिनटों में फास्ट चार्जिंग और क्विक चार्जर दोनों का मतलब एक ही है जो यह बताती है कि आपका मोबाइल कितनी देर में चार्ज होगा क्योंकि आजकल सभी फास्ट चार्जिंग को ही सामान्यता देते हैं क्योंकि सभी जल्दी से जल्दी अपने मोबाइल को चार्ज करना चाहते हैं ताकि वह अपने कार्य को समय पर खत्म कर पाएं | 

फास्ट चार्जिंग का विकास Qualcomm कंपनी ने शुरू किया जिसका नाम है Quick Charger इसके अलावा फास्ट चार्जर के और भी नाम हैं जैसे डैश चार्जर (Dash Charger), टर्बो चार्जर (Turbo Charger), रैपिड चार्जर (Rapid Charger), वूक चार्जर (VOOC Charger) यह सब फास्ट चार्जर ही है जो अलग – अलग कंपनियों ने नाम दिया है | आइये सबसे पहले यह जानते हैं की फास्ट चार्जिंग कैसे काम करती है | 

फास्ट चार्जिंग कैसे काम करती है How Does Fast Charging Work

फास्ट चार्जिंग चार्जर के वॉट पर निर्भर करता है और इसी के द्वारा फास्ट चार्जिंग काम करती है यह दो तरीकों से कार्य करती है वोल्टेज (V) और एम्पियर (A) जब दोनों को मिला दिया जाता है या गुणा कर दिया जाता है तो वॉट बनती है वोल्टेज (V) x एम्पियर (A) =  वॉट (W) | 

अतः फास्ट चार्जिंग का वॉट जितना अधिक होगा वह उतनी ही तेजी से पावर सप्लाई करेगी और बैटरी चार्ज हो जाएगी चूँकि हर एक स्मार्टफोन में पावर मैनेजमेंट सर्किट बोर्ड लगा होता है जिससे यह पता चलता है की बैटरी कितनी वॉट बिजली ले सकती है | 
फास्ट चार्जिंग करने का सबसे बड़ा स्टैंडर्ड है यूएसबी पीडी (USB PD) इसका पूरा नाम यूनिवर्सल सीरियल बस पावर डिलीवरी है जिसे 2012 में पहली बार मार्केट में लाया गया जो टाइप C के जरिये स्मार्टफोन को चार्ज करती है यह चार्जर और फोन के बीच संवाद का काम करती है जिससे दोनों आपस में कितना वोल्टेज झेल सकते हैं यह सब यूएसबी पीडी के द्वारा ध्यान में रखा जाता है | 
इसके अलावा फास्ट चार्जिंग को फास्ट तरीके से काम करने के लिए वोल्टेज, करंट और थर्मल प्रोटेक्शन यह तीन प्रोटोकॉल का पालन करके चार्जिंग को फास्ट बनाया जाता है तो कुछ इस प्रकार से फास्ट चार्जिंग कार्य करती है |

फास्ट चार्जिंग बनाने वाली कंपनी कौन – कौन सी है Which Is The Company Making Fast Charging

सबसे पहले फास्ट चार्जर बनाने वाली कंपनी Qualcomm है जो Quick Charger 1.0 पहला फास्ट चार्जिंग मार्केट में लेकर आया उसके बाद इसने और भी पावर के साथ फास्ट चार्जिंग का निर्माण करती गई जैसे Quick Charger 2.0,  Quick Charger 3.0, Quick Charger 4, Quick Charger 4+ और अब Quick Charger 5 इसका लेटेस्ट वर्जन है जो 100W से भी अधिक पावर के साथ स्मार्टफोन को चार्ज करने की क्षमता रखती है | 

इसके अलावा अन्य कंपनियों ने भी फास्ट चार्जिंग बनानी शुरू कर दी जैसे OPPO का VOOC Flash Charger, One Plus का Dash Charging, Motorola का Turbo Charging इत्यादि और ऐसी बहुत सारी कंपनियां हैं जो फास्ट  चार्जिंग का निर्माण करती है | यह सब जितने नाम भी हैं जैसे Turbo, Rapid, VOOC, Flash Charger, Dash Charger सभी फास्ट चार्जिंग ही हैं | 

Note – और भी अत्यधिक एवं फास्ट चार्जिंग टेक्नोलॉजी के लेटेस्ट जानकारी जानने के लिए livehindustan.com न्यूज साइट को विजिट कर सकते हैं | 

फास्ट चार्जिंग के फायदे एवं नुकसान Advantages And Disadvantages Of Fast Charging

फास्ट चार्जिंग के निम्न फायदे हैं:-

  • फास्ट चार्जिंग का सबसे बड़ा फायदा यह है की इससे मोबाइल की बैटरी बहुत जल्द चार्ज हो जाती, किन्तु इसका नुकसान यह भी है की बहुत अधिक पावर के साथ यह करंट सप्लाई करती है जो सीधा बैटरी पर असर पड़ता है जिससे मोबाइल में हिट की समस्या उत्पन्न हो जाती है | 
  • फास्ट चार्जर से 60 से 70 प्रतिशत तक बहुत ही जल्द चार्ज हो जाती और बाद में बहुत ही धीमी गति से चार्ज होती है ऐसा इसलिए क्योंकि जब फोन को जीरो में चार्ज लगाया जाता है तब चार्जर अधिक से अधिक पावर सप्लाई करती है और जैसे – जैसे बैटरी फुल होने लगती है तो पावर क्षमता कम होने लगती है | 
  • फास्ट चार्जिंग व्यस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद है किन्तु फास्ट चार्जिंग अभी तक सभी स्मार्टफोन में सपोर्टेड नहीं है |
  • अगर फास्ट चार्जर में कोई हल्की केबल का इस्तेमाल किया जाए तो वह जल सकती है इसीलिए फास्ट चार्जर के लिए हमेशा ओरिजिनल केबल का ही उपयोग करें ओरिजिनल केबल थोड़ी सी मोटी होती है अन्य साधारण केबल की तुलना में |   

फास्ट चार्जिंग की जरूरत क्यों पड़ी Why The Need For Fast Charging

फास्ट चार्जिंग की जरुरत निम्न कारणों से पड़ी आपने कुछ साल पहले देखा होगा की मोबाइल बहुत ही धीरे चार्ज होती थी लेकिन उस समय टेक्नोलॉजी इतनी विकसित नहीं हुई थी और मोबाइल भी काफी छोटी थी जिसमें बहुत ही कम फीचर्स हुआ करती थी और उस समय मोबाइल की उतनी जरुरत नहीं थी लोगों को इसीलिए नॉर्मल चार्जर से मोबाइल चार्ज करने पर हफ्तों तक चल जाती थी | 
लेकिन जैसे – जैसे तकनीक का विस्तार हुआ और लोगों को मोबाइल की आवश्यकता पड़ने लगी तो कंपनियों ने बड़ी स्क्रीन एवं बहुत सारे फीचर्स के साथ मोबाइल का निर्माण किया ऐसे में बड़ी फोन मतलब बड़ी बैटरी और पावर अधिक तो नॉर्मल चार्जर से चार्ज करने में काफी समय लग जाता था और आज के इस समय में मोबाइल की आवश्यकता अधिक पड़ने लगी जिससे मोबाइल की बैटरी तुरंत – तुरंत  खत्म हो जाती थी और इस भाग – दौड़ की जिंदगी में हम अपना मोबाइल चार्ज करना भूल जाते और चार्ज होने में काफी समय ले लेती | 
इन्हीं सब जरूरतों को देखते हुए कंपनियों ने फास्ट चार्जिंग तकनीक कि शुरुआत की जिससे मोबाइल तुरंत चार्ज हो जाये और लोगों के काम में कोई रूकावट न आये और जितनी भी मोबाइल बनाने वाली कंपनियां हैं सभी ने फास्ट चार्जर तकनीक का निर्माण करना शुरू कर दिया बस यही सब कारणों से फास्ट चार्जर की जरुरत पड़ी | 

नॉर्मल चार्जर और फास्ट चार्जर में अंतर Difference Between Normal Charger And Fast Charger

नॉर्मल चार्जर और फास्ट चार्जर में निम्न अंतर है:-

  • नॉर्मल चार्जर आपके डिवाइस को 5 वोल्ट 2 एम्पीयर पर चार्ज करती है जिसे 10 वाट (5 वोल्ट x 2 एम्पीयर = 10 वाट) का पावर आउटपुट मिलता है | वहीं दूसरी ओर फास्ट चार्जर अपने वोल्टेज या करंट को बढ़ाती है जो 18 से 20 वाट का पावर आउटपुट प्रदान करती है यानी की 9 वोल्ट 2 एम्पीयर का चार्जर एक 18 वाट का चार्जर है और 5 वोल्ट 4 एम्पीयर का चार्जर 20 वाट का चार्जर है | 
  • एक नॉर्मल चार्जर धीरे-धीरे बैटरी को चार्ज करती है और एकदम कम पावर सप्लाई करती है जिससे बैटरी की लाइफ बढ़ती है किंतु एक फास्ट चार्जर बहुत ही अधिक पावर के साथ करंट सप्लाई करती है जिससे सीधा बैटरी पर असर पड़ता है और इससे बैटरी की लाइफ कम हो जाती है |  

फास्ट चार्जिंग का भविष्य Future Of Fast Charging

यह तकनीक अभी केवल महंगे फोन्स में ही देखने को मिली है आने वाले समय में फास्ट चार्जिंग सभी स्मार्टफोन में देखने को मिलेगी और इसे और सुरक्षित करते हुए अनेक फीचर्स के साथ इसका निर्माण किया जा सकता है जिससे स्मार्टफोन बैटरी पर इसका कोई दुष्प्रभाव न हो | 

चूँकि यूएसबी पीडी फास्ट चार्जिंग का सबसे बड़ा स्टैण्डर्ड है जो केवल टाइप C चार्जर को सपोर्ट करती है आने वाले सभी स्मार्टफोन्स में यही चार्जर सपोर्ट करेगी और एक चार्जर से अनेक डिवाइस चार्ज किया जा सकता है भविष्य में फास्ट चार्जिंग लोगों के लिए काफी उपयोगी होने वाली है | 

फास्ट चार्जिंग पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQs On Fast Charging

Q1. क्या फास्ट चार्जिंग से बैटरी खराब होगी?

Ans – फास्ट चार्जिंग से बैटरी पूरी तरह से खराब नहीं होती है लेकिन हाँ स्मार्टफोन गर्म जरूर हो जाती है जो ध्यान देने योग्य नुकसान है इससे बैटरी को अधिक से अधिक नुकसान नहीं पहुंचती है क्योंकि बैटरी में ऐसे बहुत से तकनीकी चीजों का प्रयोग किया गया है जो अधिक से अधिक पावर को सहने की क्षमता रखती है | 

Q2. फास्ट चार्जिंग कितने वाट की होती है?

Ans – फास्ट चार्जिंग प्रदान करने के लिए एक चार्जर को एक पोर्ट से कम से कम 18W का होना चाहिए।

Q3. फास्ट चार्जिंग वाला पहला फोन कौन सा था?

Ans – फास्ट चार्जिंग वाला पहला फोन ओप्पो ऐस रेनो था जो 65W चार्जिंग पावर गति के साथ मार्केट में आया यह फोन केवल 15 मिनट में 70% चार्ज होने में सक्षम है, और लगभग आधे घंटे में पूरी तरह से चार्ज हो जाता है।

Q4. क्या फास्ट चार्जर उसी कंपनी का लेना चाहिए जिस कंपनी का मोबाइल है?

Ans – नहीं, यह जरूरी नहीं है कि आप फास्ट चार्जर उसी कंपनी का लें जिस कंपनी का आपका मोबाइल है, आप किसी भी अन्य कंपनी का फास्ट चार्जर ले सकते हैं लेकिन हाँ वह ओरिजिनल होना चाहिए और कंपनी का होना चाहिए | 

Q5. क्या फास्ट चार्जिंग सपोर्टेड मोबाइल के लिए फास्ट चार्जिंग का ही उपयोग करना चाहिए?

Ans – नहीं, यह जरूरी नहीं है अगर आपका मोबाइल फास्ट चार्जिंग सपोर्टेड करता है तो आप एक साधारण चार्जर से भी चार्ज कर सकते हैं फर्क इतना है कि यह मोबाइल को बहुत ही धीरे-धीरे चार्ज करेगी किंतु इसके विपरीत अगर कोई मोबाइल फास्ट चार्जिंग सपोर्ट नहीं करती है तो आप उसमें फास्ट चार्जर से चार्ज  ना करें क्योंकि वह अधिक पावर सप्लाई करती है और बैटरी उसके लिए कंपैटिबल नहीं होती है जिससे बैटरी की लाइफ कम हो जाती है इसलिए फास्ट चार्जिंग के लिए एक कंपैटिबल बैटरी भी महत्वपूर्ण है जो उस पावर को झेल सके | 

Q6. ओरिजिनल केबल की पहचान कैसे करें?

Ans – ओरिजिनल केबल की पहचान करना बहुत ही आसान है जब आप एक डुप्लीकेट केबल को अपने मोबाइल से कनेक्ट करते हैं तो बीच में गैपिंग देखने को मिलती है यानी की वह पूरी तरह से चार्जिंग में फिक्स नहीं होती है किंतु अगर आप एक ओरिजिनल केबल को अपने मोबाइल से कनेक्ट करते हैं तो उसमें बिल्कुल भी गैपिंग नहीं होती है तो यही है एक ओरिजिनल केबल की पहचान | 

आपने क्या सीखा What Have You Learned

इस आर्टिकल में आपने सीखा की फास्ट चार्जिंग क्या है, कैसे काम करती है, इसके क्या फायदे एवं नुकसान हैं और इसका क्या भविष्य है चूँकि फास्ट चार्जिंग होना हम सभी के लिए बेहद जरुरी की बात है क्योंकि स्मार्टफोन से काम करने क्षमता दिनों – दिन बढ़ती ही जा रही है ऐसे में अगर फोन तुरंत चार्ज हो जाये तो बहुत सारे काम मिनटों में खत्म किया जा सकता है | 

मैं आशा करता हूँ की यह जानकारी आपलोगों के लिए काफी फायदेमंद होगी और मैंने एकदम सरल और सटीक भाषा में समझाने का प्रयास किया है ताकि इसे समझने में कोई परेशानी न हो अतः आपको यह पोस्ट पसंद आई हो या इससे जुड़े आपके पास कोई भी प्रश्न हो तो हमें कमेंट करके अवश्य बताएं धन्यवाद | 

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